==== भारतीय प्रचलित भाषा जिनके एक लाख से दस लाख वक्ता (३०-६०) - "खुशखबरी", "जीवन के शब्द", "इँजील गीत" / / INDIAN POPULAR LANGUAGES THAT HAVE 100,000 TO ONE MILLION SPEAKERS(FROM No.30 TO No.60) - "GOOD NEWS", "WORDS OF LIFE", "GOSPEL SONGS"====

==== भारतीय प्रचलित भाषा जिनके एक लाख से दस लाख वक्ता (३०-६०) - "खुशखबरी", "जीवन के शब्द", "इँजील गीत" / / INDIAN POPULAR LANGUAGES THAT HAVE 100,000 TO ONE MILLION SPEAKERS(FROM No.30 TO No.60) - "GOOD NEWS", "WORDS OF LIFE", "GOSPEL SONGS"====

Author: Tze-John Liu Language: Hindi Episodes: 100
भारतीय प्रचलित भाषा जिनके एक लाख से दस लाख वक्ता-"खुशखबरी", "जीवन के शब्द", "इँजील गीत" एक ऐसा पॉडकास्ट है जो भारत की उन विविध भाषाओं और बोलियों में सुसमाचार की सामग्री प्रस्तुत करता है, जिनके वक्ताओं की संख्या एक लाख से दस लाख के बीच है। यह श्रृंखला विशेष रूप से उन भाषाओं पर केंद्रित है जो अक्सर मुख्यधारा के माध्यमों में प्रतिनिधित्व से वंचित रह जाती हैं। इस पॉडकास्ट में आप कुई, गारो, त्रिपुरी (कोक बोरोक), मिजो, हल्बी, कोरकू, मिरी, मुंडारी, कार्बी, कोया, आओ नागा, सावरा, कोन्याक नागा, खड़िया, माल्टो, न्याशी, थडौ (कुकी), लोथा, कूर्गी, राभा, तंगखुल, मैथिली, अंगामी, फोम नागा, कोलामी, कुवी, दिमासा, लद्दाखी और सुमी जैसी भाषाओं में धार्मिक विषयवस्तु सुनेंगे। प्रत्येक एपिसोड एक अलग भाषिक समुदाय तक पहुँच बनाने का प्रयास करता है, जिसमें "खुशखबरी" के संदेश, "जीवन के शब्द" और "इँजील गीत" शामिल हैं। यह केवल एक धार्मिक प्रसारण नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और भाषाई समृद्धि की एक झलक भी प्रस्तुत करता है, जहाँ हर भाषा में व्यक्त की गई आस्था को स्थान मिलता है। टीज़-जॉन लिउ द्वारा प्रस्तुत, यह पॉडकास्ट उन श्रोताओं के लिए है जो आध्यात्मिक सामग्री को देश की लुप्तप्राय भाषाई विरासत के संदर्भ में सुनने में रुचि रखते हैं। विभिन्न भाषाओं में प्रस्तुत ये गीत और शब्द, एक विशिष्ट अनुभव प्रदान करते हैं।
Episodes
Mizoram Synod Choir - Isua Chhinchhiahna (Official music video).mp4 [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:34
मिजोरम धर्मसभा गाना बजानेवालों - "Isua Chhinchhiahna"(इसुआ छिंछियाहना).mp4 //1 KORINTH 15 - Krista thawhlehna1Unaute u, in hnêna Chanchin Ṭha ka rawn hril in lo pawm a, in innghah tâkna kha ka hriattîr leh che u a ni. 2C…