Class 10, Kabeer Ki Sakhi

Class 10, Kabeer Ki Sakhi

Author: Madhu Tyagi October 12, 2020 Duration: 6:29
कवि - कबीरदास जन्म - (लहरतारा , काशी ) मृत्यु - ( मगहर , उत्तरपरदेश )eck out my latest episode! 'साखी ' शब्द ' साक्षी ' शब्द का ही (तद्भव ) बदला हुआ रूप है। साक्षी शब्द साक्ष्य से बना है। जिसका अर्थ होता है -प्रत्यक्ष ज्ञान अर्थात जो ज्ञान सबको स्पष्ट दिखाई दे। यह प्रत्यक्ष ज्ञान गुरु द्वारा शिष्य को प्रदान किया जाता है। संत ( सज्जन ) सम्प्रदाय (समाज ) मैं अनुभव ज्ञान (व्यवाहरिक ज्ञान ) का ही महत्व है -शास्त्रीय ज्ञान अर्थात वेद , पुराण इत्यादि का नहीं। कबीर का अनुभव क्षेत्र बहुत अधिक फैला हुआ था अर्थात कबीर जगह -जगह घूम कर प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त करते थे। इसलिए उनके द्वारा रचित साखियों मे अवधि , राजस्थानी , भोजपुरी और पंजाबी भाषाओँ के शब्दों का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। इसी कारण उनकी भाषा को 'पचमेल खिंचड़ी ' अर्थात अनेक भाषाओँ का मिश्रण कहा जाता है। कबीर की भाषा को सधुक्क्ड़ी भी कहा जाता है। ' साखी ' वस्तुतः (एक तरह का ) दोहा छंद ही है जिसका लक्षण है 13 और 11 के विश्राम से 24 मात्रा अर्थात पहले व तीसरे चरण में 13 वर्ण व दूसरे व चौथे चरण में 11 वर्ण के मेल से 24 मात्राएँ। प्रस्तुत पाठ की साखियाँ प्रमाण हैं की सत्य को सामने रख कर ही गुरु शिष्य को जीवन के व्यावहारिक ज्ञान की शिक्षा देता है। यह शिक्षा जितनी अधिक प्रभावशाली होगी, उतनी ही अधिक याद रहेगी।

यह Mera lakshya ...Hindi Course B , Class 9 & 10 पॉडकास्ट शिक्षक मधु त्यागी द्वारा प्रस्तुत एक शैक्षिक संसाधन है। यह कक्षा नौ और दस के छात्रों के लिए हिंदी कोर्स बी के पाठ्यक्रम को समझने में मदद करता है। इस पॉडकास्ट में पाठ्यक्रम के सभी आवश्यक पहलुओं को कवर किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शन मिल सके। साथ ही, सीखने को और रोचक बनाने के लिए इसमें विभिन्न कहानियों को भी सुनाया जाता है। ये कहानियाँ न केवल भाषा की समझ को बढ़ाती हैं बल्कि साहित्यिक संदर्भ और नैतिक मूल्यों से भी परिचय कराती हैं। जब आप इस पॉडकास्ट को सुनेंगे तो आपको पाठ्यपुस्तक के पाठों का विस्तृत विश्लेषण, महत्वपूर्ण प्रश्नों की चर्चा और भाषा के प्रयोग पर सटीक सुझाव मिलेंगे। यह श्रृंखला रटने के बजाय समझने पर केंद्रित है, ताकि हिंदी भाषा और साहित्य का ज्ञान स्थायी रूप से बना रहे। यह एक विश्वसनीय साथी की तरह है जो आपके अध्ययन के लक्ष्य को प्राप्त करने में नियमित रूप से सहायता करता है।
Author: Language: Hindi Episodes: 59

Mera lakshya ...Hindi Course B , Class 9 & 10
Podcast Episodes
Class 10, Path- Tatara Vamiro Katha [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 7:37
तताँरा वामीरो कथा पाठ के लेखक लीलाधर मंडलोई जी हैं। 1954 की जन्माष्टमी के दिन छिंदवाड़ा जिले के एक छोटे से गाँव गुढ़ी में जन्मे लीलाधर मंडलोई की शिक्षा-दीक्षा भोपाल और रायपुर में हुई। प्रस्तुत पाठ तताँरा-वामीरो कथा अंदमान…
Class 10, Path- Sapno Ke Se Din [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 7:49
Cसपनोेें सेेे दिन के लेखक गुुुरदयाल सिंह हैं। इस कहानी माध्यम से लेखक ने यह संदेश दिया है कि स्कूली जीवन का प्रत्येक क्षण रचनात्मक कार्य मंे लगा होना चाहिए। विद्यालय जाना जाकर हर विषय का भरपूर ज्ञान पाना उनका एकमात्र लक्…
Class 10. Path- Ab Kaha Doosre Ke Dukh Se .......... [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 7:26
अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले पाठ के लेखक निदा फाज़ली हैं। 12 अक्तूबर 1938 को दिल्ली में जन्मे निदा फाज़्ाली का बचपन ग्वालियर में बीता।
Class 10, Kavita Top [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:06
5 अगस्त 1947 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले केकीर्तिनगर में जन्मे वीरेन डंगवाल ने आरंभिक शिक्षा नैनीताल में और उच्च शिक्षा इलाहाबाद में पाई। प्रस्तुत कविता हमें याद दिलाती है कि कभी ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार क…
Class 10, Kavita - Paravat pradesh Me Pavas [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 5:58
Checkपर्वत प्रदेश में पावस कविता के रचयिता सुमित्रा नंदन पंत जी हैं। 20 मई 1900 को उत्तराखंड के कौसानी-अलमोड़ा में जन्मे सुमित्रानंदन पंत ने बचपन से ही कविता लिखना शुरू कर दिया था। सुमित्रानंदन पंत की अधिकांश कविताएँ पढ़ते…
Class 10, Path- Bade Bhai Sahab [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:24
बड़े भाई साहब पाठ के लेखक मुंशी प्रेमचंद हैं।31 जुलाई 1880 को बनारस वेफ करीब लमही गाँव में जन्मे धनपत राय ने उर्दू में नवाब राय और हिंदी में प्रेमचंद नाम से लेखन कार्य किया। निजी व्यवहार और पत्राचार धनपत राय नाम से ही करत…
class 10, Pad - Meera [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:54
मीरा के पदों की व्याख्या तथा मुख्य बिंदु