Class 10 Path-  Jhen Ki Den

Class 10 Path- Jhen Ki Den

Author: Madhu Tyagi October 12, 2020 Duration: 5:46
लेखक - रविंद्र केलेकर जन्म - 7 मार्च 1925 (कोंकण)Check out my latest episode! लेखक ने प्रस्तुत पाठ में जो प्रसंग प्रस्तुत किए हैं, उनमें पहले प्रसंग (गिन्नी का सोना) जीवन में अपने लिए सुख-साधन जुटाने वालों से नहीं बल्कि उन लोगो से परिचित करवाता है जो इस संसार को सब के लिए जीने और रहने योग्य बनाए हुए हैं। लेखक कहते हैं कि शुद्ध सोने में और सोने के सिक्के में बहुत अधिक फर्क होता है, सोने के सिक्के में थोड़ा-सा ताँबा मिलाया जाता है, जिस कारण अधिक चमक आ जाती है और यह अधिक मज़बूत भी होता है। औरतें अकसर उन्हीं सोने के सिक्कों के गहनें बनवाती हैं। लेखक कहते हैं कि किसी व्यक्ति का जो उच्च चरित्र होता है वह भी शुद्ध सोने की तरह होता है उसमें कोई मिलावट नहीं होती। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने चरित्र में ताँबा अर्थात मिलावटी व्यवहार मिला देते हैं, उन्ही लोगों को सभी लोग व्यावहारिक आदर्शवादी कह कर उनका गुणगान करते हैं। लेखक हम सभी को ये बताना चाहते हैं कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वर्णन कभी भी आदर्शों का नहीं होता, बल्कि आपके व्यवहार का होता है। कुछ लोग कहते हैं कि गाँधी जी भी व्यावहारिक आदर्शवादियों में से एक थे। यदि गाँधी जी अपने आदर्शो को महत्त्व नहीं देते तो पूरा देश उनके साथ हर समय कंधे-से-कन्धा मिला कर खड़ा न होता। जो लोग केवल अपने व्यवहार पर ही ध्यान देते हैं, केवल वैज्ञानिक ढंग से ही सोचते हैं, वे व्यवहारवादी लोग कहे जाते हैं और ये लोग हमेशा चौकाने रहते हैं कि कहीं इनसे कोई ऐसा काम न हो जाए जिसके कारण इनको हानि उठानी पड़े। सबसे महत्पूर्ण बात तो यह है कि खुद भी तरक्की करो और अपने साथ-साथ दूसरों को भी आगे ले चलो और ये काम हमेशा से ही आदर्शो को सबसे आगे रखने वाले लोगो ने किया है। हमारे समाज में अगर हमेशा रहने वाले कई मूल्य बचे हैं तो वो सिर्फ आदर्शवादी लोगो के कारण ही बच पाए हैं।

यह Mera lakshya ...Hindi Course B , Class 9 & 10 पॉडकास्ट शिक्षक मधु त्यागी द्वारा प्रस्तुत एक शैक्षिक संसाधन है। यह कक्षा नौ और दस के छात्रों के लिए हिंदी कोर्स बी के पाठ्यक्रम को समझने में मदद करता है। इस पॉडकास्ट में पाठ्यक्रम के सभी आवश्यक पहलुओं को कवर किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शन मिल सके। साथ ही, सीखने को और रोचक बनाने के लिए इसमें विभिन्न कहानियों को भी सुनाया जाता है। ये कहानियाँ न केवल भाषा की समझ को बढ़ाती हैं बल्कि साहित्यिक संदर्भ और नैतिक मूल्यों से भी परिचय कराती हैं। जब आप इस पॉडकास्ट को सुनेंगे तो आपको पाठ्यपुस्तक के पाठों का विस्तृत विश्लेषण, महत्वपूर्ण प्रश्नों की चर्चा और भाषा के प्रयोग पर सटीक सुझाव मिलेंगे। यह श्रृंखला रटने के बजाय समझने पर केंद्रित है, ताकि हिंदी भाषा और साहित्य का ज्ञान स्थायी रूप से बना रहे। यह एक विश्वसनीय साथी की तरह है जो आपके अध्ययन के लक्ष्य को प्राप्त करने में नियमित रूप से सहायता करता है।
Author: Language: Hindi Episodes: 59

Mera lakshya ...Hindi Course B , Class 9 & 10
Podcast Episodes
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दोहों के रचयिता हैं रहीम जी
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नए इलाके में कविता के रचयिता हैं अरूण कमल
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Cयशपाल का जन्म पिफरोज़्ापुर छावनी में सन् 1903 में हुआ। इन्होंने आरंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में और उच्च शिक्षा लाहौर में पाई। प्रस्तुत कहानी देश में फैले अंधविश्वासों और उँफच-नीच वेफ भेद-भाव को बेनकाब करते हुए यह बताती…
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डायरी का एक पन्ना के लेखक सीताराम सेकसरिया हैं।1892 मंे राजस्थान के नवलगढ़ मंे जन्मे सीताराम सेकसरिया का अधिकांश जीवन कलकत्ता में बीता। प्रस्तुत पाठ के लेखक सीताराम सेकसरिया आज़्ाादी की कामना करने वाले उन्हीं अनंत लोगों म…
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बिहारी का जन्म 1595 में ग्वालियर में हुआ था। 1663 मंे इनका देहावसान हुआ। बिहारी मुख्य रूप से शृंगारपरक दोहों के लिए जाने जाते हैं, किंतु उन्होंने लोक-व्यवहार, नीति ज्ञान आदि विषयों पर भी लिखा है। संकलित दोहों में सभी प्र…