Mrit Sanjeevan Stotram मृतसंजीवन स्तोत्रम्

Mrit Sanjeevan Stotram मृतसंजीवन स्तोत्रम्

Author: Rajat Jain January 28, 2025 Duration: 11:08
मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् एवमारध्य गौरीशं देवं मृत्युञ्जयमेश्वरं । मृतसञ्जीवनं नाम्ना कवचं प्रजपेत् सदा ॥१॥ सारात् सारतरं पुण्यं गुह्याद्गुह्यतरं शुभं । महादेवस्य कवचं मृतसञ्जीवनामकं ॥ २॥ समाहितमना भूत्वा शृणुष्व कवचं शुभं । शृत्वैतद्दिव्य कवचं रहस्यं कुरु सर्वदा ॥३॥ वराभयकरो यज्वा सर्वदेवनिषेवितः । मृत्युञ्जयो महादेवः प्राच्यां मां पातु सर्वदा ॥४॥ दधाअनः शक्तिमभयां त्रिमुखं षड्भुजः प्रभुः । सदाशिवोऽग्निरूपी मामाग्नेय्यां पातु सर्वदा ॥५॥ अष्टदसभुजोपेतो दण्डाभयकरो विभुः । यमरूपि महादेवो दक्षिणस्यां सदावतु ॥६॥ खड्गाभयकरो धीरो रक्षोगणनिषेवितः । रक्षोरूपी महेशो मां नैरृत्यां सर्वदावतु ॥७॥ गदाभयकरः प्राणनायकः सर्वदागतिः । वायव्यां मारुतात्मा मां शङ्करः पातु सर्वदा ॥९॥ शङ्खाभयकरस्थो मां नायकः परमेश्वरः । सर्वात्मान्तरदिग्भागे पातु मां शङ्करः प्रभुः ॥१०॥ शूलाभयकरः सर्वविद्यानमधिनायकः । ईशानात्मा तथैशान्यां पातु मां परमेश्वरः ॥११॥ ऊर्ध्वभागे ब्रःमरूपी विश्वात्माऽधः सदावतु । शिरो मे शङ्करः पातु ललाटं चन्द्रशेखरः॥१२॥ भूमध्यं सर्वलोकेशस्त्रिणेत्रो लोचनेऽवतु । भ्रूयुग्मं गिरिशः पातु कर्णौ पातु महेश्वरः ॥१३॥ नासिकां मे महादेव ओष्ठौ पातु वृषध्वजः । जिह्वां मे दक्षिणामूर्ति :, दर्न्तान्मे गिरिशोऽवतु ॥१४॥ मृतुय्ञ्जयो मुखं पातु कण्ठं मे नागभूषणः । पिनाकि मत्करौ पातु त्रिशूलि हृदयं मम ॥१५॥ पञ्चवक्त्रः स्तनौ पातु उदरं जगदीश्वरः । नाभिं पातु विरूपाक्षः पार्श्वौ मे पार्वतीपतिः ॥१६॥ कटद्वयं गिरीशौ मे पृष्ठं मे प्रमथाधिपः । गुह्यं महेश्वरः पातु ममोरू पातु भैरवः ॥१७॥ मे जगद्दर्ता जङ्घे मे जगदम्बिका । पादौ मे सततं पातु लोकवन्द्यः सदाशिवः ॥१८॥ गिरिशः पातु मे भार्यां भवः पातु सुतान्मम । मृत्युञ्जयो ममायुष्यं चित्तं मे गणनायकः ॥१९॥ सर्वाङ्गं मे सदा पातु कालकालः सदाशिवः । एतत्ते कवचं पुण्यं देवतानां च दुर्लभम् ॥२०॥ मृतसञ्जीवनं नाम्ना महादेवेन कीर्तितम् । सह्स्रावर्तनं चास्य पुरश्चरणमीरितम् ॥२१॥ यः पठेच्छृणुयान्नित्यं श्रावयेत्सु समाहितः । सकालमृत्युं निर्जित्य सदायुष्यं समश्नुते ॥२२॥ हस्तेन वा यदा स्पृष्ट्वा मृतं सञ्जीवयत्यसौ । आधयोव्याध्यस्तस्य न भवन्ति कदाचन ॥२३॥ कालमृयुमपि प्राप्तमसौ जयति सर्वदा । अणिमादिगुणैश्वर्यं लभते मानवोत्तमः ॥२४॥ युद्दारम्भे पठित्वेदमष्टाविशतिवारकं । युद्दमध्ये स्थितः शत्रुः सद्यः सर्वैर्न दृश्यते ॥२५॥ न ब्रह्मादीनि चास्त्राणि क्षयं कुर्वन्ति तस्य वै । विजयं लभते देवयुद्दमध्येऽपि सर्वदा ॥२६॥ प्रातरूत्थाय सततं यः पठेत्कवचं शुभं । अक्षय्यं लभते सौख्यमिह लोके परत्र च ॥२७॥ सर्वव्याधिविनिर्मृक्तः सर्वरोगविवर्जितः । अजरामरणो भूत्वा सदा षोडशवार्षिकः ॥२८॥ विचरव्यखिलान् लोकान् प्राप्य भोगांश्च दुर्लभान् । तस्मादिदं महागोप्यं कवचम् समुदाहृतम् ॥२९॥ मृतसञ्जीवनं नाम्ना देवतैरपि दुर्लभम् ॥३०॥

Rajat Jain एक ऐसा मंच है जहाँ प्राचीन जैन और हिंदू मंत्रों एवं प्रार्थनाओं का सस्वर पाठ सुनने को मिलता है। यह पॉडकास्ट दैनिक जीवन में आध्यात्मिक शांति और ध्यान के लिए एक सरल रास्ता प्रस्तुत करता है। प्रत्येक एपिसोड में विभिन्न मंत्रों, स्तोत्रों और भजनों की स्पष्ट और भावपूर्ण रिकॉर्डिंग शामिल होती है, जिन्हें सुनकर श्रोता स्वयं को एक शांत और केंद्रित स्थान पर पाते हैं। यह केवल एक रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि एक साझा अनुभव है जहाँ शब्दों की पवित्र ध्वनि मन को शांत करती है और आत्मा को स्पर्श करती है। रजत जैन की आवाज़ में इन प्रार्थनाओं को सुनना एक गहन आंतरिक अनुभव बन जाता है, चाहे आप इसे सुबह की शुरुआत में सुनें या दिनभर की व्यस्तता के बाद विश्राम के क्षणों में। इस पॉडकास्ट का उद्देश्य इन पवित्र ध्वनियों को सभी तक पहुँचाना है, ताकि हर कोई अपनी गति से, बिना किसी जटिलता के, इनके लाभ प्राप्त कर सके। यह आध्यात्मिक अभ्यास का एक सुलभ और नियमित स्रोत है।
Author: Language: Hindi Episodes: 50

Rajat Jain 🚩 #Chanting and #Recitation of #Jain & #Hindu #Mantras and #Prayers
Podcast Episodes
Utpaat Nashan Ganesh Stotra उत्पात नाशन गणेश स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:12
Utpaat Nashan Ganesh Stotra उत्पात नाशन गणेश स्तोत्र यक्षगन्धर्वविप्राणां गजाश्वरथपक्षिणाम् ।भूतभव्यभविष्यस्य बुद्धीन्द्रियगणस्य च ॥हर्षस्य शोकदुःखस्य सुखस्य ज्ञानमोहयोः ।अर्थस्य कार्यजातस्य लाभहान्योस्तथैव च ॥ स्वर्गपात…
Bhootnath Ashtakam भूतनाथ अष्टकम‌् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 6:09
Bhootnath Ashtakam भूतनाथ अष्टकम‌्शिव शिव शक्तिनाथं संहारं शं स्वरूपं नव नव नित्यनृत्यं ताण्डवं तं तन्नादम्।घन घन घूर्णिमेघं घङ्घोरं घं निनादं भज भज भस्मलेपं भजामि भूतनाथम्।।१।।कल कल कालरूपं कल्लोलं कं करालं डम डम डमनादं…
Dash Lakshan Pooja दशलक्षण पूजा [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 17:30
Dash Lakshan Pooja दशलक्षण पूजाउत्तम छिमा मारदव आरजव भाव है,सत्य शौच संयम तप त्याग उपाव हैं |आकिंचन ब्रह्मचर्य धरम दस सार हैं,चहुँगति दुखते काढि मुक्ति करतार हैं ||ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-…
Trailokya Mangalam Naam Laxmi Stotram त्रैलोक्य मंगलं नाम लक्ष्मी स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:13
Trailokya Mangalam Naam Laxmi Stotram त्रैलोक्य मंगलं नाम लक्ष्मी स्तोत्रम् नमः कल्याणदे देवि नमोऽस्तु हरिवल्लभे । नमो भक्तप्रिये देवि लक्ष्मीदेवि नमोऽस्तु ते ॥ १॥ नमो मायागृहीताङ्गि नमोऽस्तु हरिवल्लभे । सर्वेश्वरि नमस्त…
Surya Stotram सूर्य स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:33
#सूर्यस्तोत्रम् ब्रह्मा विष्णुश्च रुद्रश्च ईश्वरश्च सदाशिवः ।पञ्चब्रह्ममयाकाराः येन जाता नमामि तम् ॥ १॥कालात्मा सर्वभूतात्मा वेदात्मा विश्वतोमुखः ।जन्ममृत्युजराव्याधिसंसारभयनाशनः ॥ २॥ब्रह्मस्वरूप उदये मध्याह्ने तु सदाशिव…
Sri Ram Tandav Stotram श्री राम तांडव स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 5:34
Sri Ram Tandav Stotram श्री राम तांडव स्तोत्रम् जटाकटाहयुक्तमुण्डप्रान्तविस्तृतम् हरे: अपांगक्रुद्धदर्शनोपहार चूर्णकुन्तलः। प्रचण्डवेगकारणेन पिंजलः प्रतिग्रहः स क्रुद्धतांडवस्वरूपधृक् विराजते हरि: ॥१॥ अथेह व्यूहपार्ष्णिप…
Kalika Stotram कालिका स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:54
Kalika Stotram कालिका स्तोत्रम् दधन्नैरन्तर्यादपि मलिनचर्यां सपदि यत् सपर्यां पश्यन्सन् विशतु सुरपुर्यां नरपशुः । भटान्वर्यान् वीर्यासमहरदसूर्यान् समिति या जगद्धुर्या काली मम मनसि कुर्यान्निवसतिम् ॥ १॥ लसन्नासामुक्ता निज…
Mala Mantra before Mantrajaap मंत्रजाप पूर्व माला मंत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 0:31
Mala Mantra before Mantrajaap मंत्रजाप पूर्व माला मंत्र ★ नित्य जप करने से पूर्व माला का संक्षिप्त पूजन निम्न मंत्र से करने के उपरांत जप प्रारम्भ करें ★ ॐ अक्षमालाधिपतये सुसिद्धिं देहि देहि सर्व मंत्रार्थ साधिनी सर्व मन्…
Hanumat Mantra Anushthan हनुमत् मन्त्र अनुष्ठान [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 12:55
Hanumat Mantra Anushthan हनुमत् मन्त्र अनुष्ठान (प्रस्तुत विधान के प्रत्येक मन्त्र के ११००० ‘जप‘ एवं दशांश ‘हवन’ से सिद्धि होती है। हनुमान जी के मन्दिर में, ‘रुद्राक्ष’ की माला से ब्रह्मचर्य-पूर्वक ‘जप करें। कठिन-से-कठिन…
Lakshmi Prapti Jain Mantra लक्ष्मी प्राप्ति जैन मन्त्र 108 times [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 22:10
Lakshmi Prapti Jain Mantra लक्ष्मी प्राप्ति जैन मन्त्र ★ ॐ ह्रीं अर्हम णमो विपपोसहिपत्ताणं मम शीघ्र लक्ष्मी लाभं भवतु ★ इस मंत्र का नियमित जाप शीघ्र देगा लक्ष्मी