Dash Lakshan Pooja दशलक्षण पूजा

Dash Lakshan Pooja दशलक्षण पूजा

Author: Rajat Jain August 23, 2025 Duration: 17:30

Dash Lakshan Pooja दशलक्षण पूजा


उत्तम छिमा मारदव आरजव भाव है,

सत्य शौच संयम तप त्याग उपाव हैं |

आकिंचन ब्रह्मचर्य धरम दस सार हैं,

चहुँगति दुखते काढि मुक्ति करतार हैं ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय ! अत्र अवतर अवतर संवौषट ! अत्र तिष्ठ तिष्ठ ठ: ठ: ! अत्र मम सन्निहितो भव भव वषट !


हेमाचलकी धार,मुनि-चित सम शीतल सुरभि |

भव-.आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय जन्म-जरा-मृत्यु-विनाशनाये जलं निर्वपामिति स्वाहा |


चन्दन केसर गार, होय सुवास दसों दिशा |

भव-आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय संसारताप-विनाशनाये चन्दनं निर्वपामिति स्वाहा |


अमल अखंडित सार, तंदुल चन्द्र समान शुभ |

भव-.आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय अक्षय-पद प्राप्ताये अक्षतं निर्वपामिति स्वाहा |


फुल अनेक प्रकार, महके ऊरघ -लोकलों |

भव-.आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय काम-बाण विध्वंसनाये पुष्पं निर्वपामिति स्वाहा |


नेवज विविध निहार, उत्तम षट-रस संजुगत |

भव-.आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय क्षुधा-रोग विनाशनाये नैवेद्यं निर्वपामिति स्वाहा |


बाती कपूर सुधार, दीपक-जोती सुहावनी |

भव-.आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय मोहान्धकार-विनाशनाये दीपं निर्वपामिति स्वाहा |


अगर धुप विस्तार, फैले सर्व सुगन्धता |

भव-.आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय अष्ट-कर्म-दह्नाये धूपं निर्वपामिति स्वाहा |


फल की जाति अपार, घ्राण-नयन-मन-मोहने |

भव-.आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय महामोक्ष-फल प्राप्ताये निर्वपामिति स्वाहा |


आठो दरब संवार, धानत अधिक उछाहसौ |

भव-.आताप निवार, दस-लच्छन पूजौं सदा ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय अनर्घ-पद-प्राप्तये अर्घं निर्वपामिति स्वाहा |


जयमाला


दस लच्छन वंदो सदा, मनवांछित फलदाय |

कहो आरती भारती, हम पर होहु सहाय ||

उत्तम क्षिमा जहाँ मन होई, अंतर-बाहिर शत्रु न कोई |

उत्तम मार्दव विनय प्रकाशे , नाना भेद ज्ञान सन भासे ||

उत्तम आर्जव कपट मिटावे, दुरगति त्यागी सुगति उपजावे |

उत्तम सत्य वचन मुख बोले, सो प्राणी संसार न डोले ||

उत्तम शौच लोभ-परिहारी, संतोषी गुण-रतन भण्डारी |

उत्तम संयम पाले ज्ञाता, नर-भव सकल करे ले साता ||

उत्तम तप निर्वांछित पाले, सो नर करम-शत्रु को टाले |

उत्तम त्याग करे जो कोई, भोगभूमि-सुर-शिवसुख होई ||

उत्तम आकिंचन व्रत धारै, परम समाधी दसा विस्तारे |

उत्तम ब्रह्मचर्य मन लावे, नर-सुर सहित मुकती-फल पावे ||


ॐ ह्रीं उत्तम-क्षमा-मार्दव-आर्जव-शौच-सत्य-संयम-तप-त्याग-आकिंचन-ब्रह्मचर्य-आदि-दसलक्षण-धर्माय जयमाला पूर्णार्घम निर्वपामिति स्वाहा |


दोहा:-


करे करम की निरजरा, भव पिंजरा विनाश |

अजर अमर पद को लहे, द्यानत सुख की राश ||


||पुष्पांजलि क्षिपेत||



Rajat Jain एक ऐसा मंच है जहाँ प्राचीन जैन और हिंदू मंत्रों एवं प्रार्थनाओं का सस्वर पाठ सुनने को मिलता है। यह पॉडकास्ट दैनिक जीवन में आध्यात्मिक शांति और ध्यान के लिए एक सरल रास्ता प्रस्तुत करता है। प्रत्येक एपिसोड में विभिन्न मंत्रों, स्तोत्रों और भजनों की स्पष्ट और भावपूर्ण रिकॉर्डिंग शामिल होती है, जिन्हें सुनकर श्रोता स्वयं को एक शांत और केंद्रित स्थान पर पाते हैं। यह केवल एक रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि एक साझा अनुभव है जहाँ शब्दों की पवित्र ध्वनि मन को शांत करती है और आत्मा को स्पर्श करती है। रजत जैन की आवाज़ में इन प्रार्थनाओं को सुनना एक गहन आंतरिक अनुभव बन जाता है, चाहे आप इसे सुबह की शुरुआत में सुनें या दिनभर की व्यस्तता के बाद विश्राम के क्षणों में। इस पॉडकास्ट का उद्देश्य इन पवित्र ध्वनियों को सभी तक पहुँचाना है, ताकि हर कोई अपनी गति से, बिना किसी जटिलता के, इनके लाभ प्राप्त कर सके। यह आध्यात्मिक अभ्यास का एक सुलभ और नियमित स्रोत है।
Author: Language: Hindi Episodes: 50

Rajat Jain 🚩 #Chanting and #Recitation of #Jain & #Hindu #Mantras and #Prayers
Podcast Episodes
Tikkhuton Ka Paath (Guru Vandan) तिक्खुतों का पाठ (गुरु वंदन) [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 6:30
Tikkhuton Ka Paath (Guru Vandan) तिक्खुतों का पाठ (गुरु वंदन) • जब कभी हम संत मुनिराज के पास जाते हैं अथवा मुनिराज हमारे सामने आते दिखते हैं तो हम तिक्खुतों का पाठ का उच्चारण कर वंदन करते हैं। तिक्खुतों के उच्चारण के साथ…
Krishnam Vande Jagadgurum (Geeta) कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् (गीता) [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 6:00
Krishnam Vande Jagadgurum (Geeta) कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् (गीता) ★ पराकृतनमद्बन्धं परं ब्रह्म नराकृति। सौन्दर्यसारसर्वस्वं वन्दे नन्दात्मजं महः ।।१।। प्रपन्नपारिजाताय तोत्रवेत्रकपाणये। ज्ञानमुद्राय कृष्णाय गीतामृतदुहे नम…
Shri Guru Stotram श्री गुरु स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 6:04
Shri Guru Stotram श्री गुरु स्तोत्रम् ★ || श्री महादेव्युवाच || गुरुर्मन्त्रस्य देवस्य धर्मस्य तस्य एव वा | विशेषस्तु महादेव ! तद् वदस्व दयानिधे || श्री महादेवी (पार्वती) ने कहा : हे दयानिधि शंभु ! गुरुमंत्र के देवता अर्…
Shri Guru Stuti श्री गुरु स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:36
Shri Guru Stuti श्री गुरु स्तुति ◆ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥१॥ अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् । तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥२॥ अज्ञानतिमिर…
Mantratmakam Shri Maruti Stotram मंत्रात्मकम् श्री मारुति स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:08
Mantratmakam Shri Maruti Stotram मंत्रात्मकम् श्री मारुति स्तोत्रम् ★ यह एक मंत्र गर्भित स्तोत्र है जिसका अर्थ है कि इस स्तोत्र की प्रत्येक पंक्ति मंत्र के एक अक्षर से शुरू होती है। यदि हम इस स्तोत्र की प्रत्येक पंक्ति क…
Lakshmi Gayatri Mantra लक्ष्मी गायत्री मंत्र 3 times [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 1:59
Lakshmi Gayatri Mantra लक्ष्मी गायत्री मंत्र: ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥ घर परिवार में सुख व समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी का यह लक्ष्मी गायत्री मंत्र भी काफी उपयुक्त है…
Jin Namaskarashtak Stotra जिन नमस्काराष्टक स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 5:14
Jin Namaskarashtak Stotra जिन नमस्काराष्टक स्तोत्र ★ तुभ्यं नमः सकल लोकहितंकराय, तुभ्यं नमः सकल कर्म विनाशकाय । तुभ्यं नमः सकल जीवसुतारकाय, तुभ्यं नमो जिन वरेन्द्रसुखांकिताय ॥ तुभ्यं नमः सकल दोष विवर्जिताय, तुभ्यं नमः सक…
Rinmochan Maha Ganpati Stotra ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 5:57
Rinmochan Maha Ganpati Stotra ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र ◆ विनियोग – ॐ अस्य श्रीऋण-मोचन महा-गणपति-स्तोत्र-मन्त्रस्य भगवान् शुक्राचार्य ऋषिः, ऋण-मोचन-गणपतिः देवता, मम-ऋण-मोचनार्थं जपे विनियोगः। ॐ स्मरामि देवदेवेशं वक्रतुण्डं…
Devshayani Ekadashi (Hari Shayan) Mantra देवशयनी एकादशी (हरि शयन) मंत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:45
Devshayani Ekadashi (Hari Shayan) Mantra देवशयनी एकादशी (हरि शयन) मंत्र • आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी या हरिशयनी एकादशी कहते हैं। भगवान श्रीहरि विष्णु प्रकृति के पालनकर्ता हैं और उन्हीं कृपा से यह सृष्टि चल रही…