Shri Guru Stotram श्री गुरु स्तोत्रम्

Shri Guru Stotram श्री गुरु स्तोत्रम्

Author: Rajat Jain July 21, 2024 Duration: 6:04
Shri Guru Stotram श्री गुरु स्तोत्रम् ★ || श्री महादेव्युवाच || गुरुर्मन्त्रस्य देवस्य धर्मस्य तस्य एव वा | विशेषस्तु महादेव ! तद् वदस्व दयानिधे || श्री महादेवी (पार्वती) ने कहा : हे दयानिधि शंभु ! गुरुमंत्र के देवता अर्थात् श्री गुरुदेव एवं उनका आचारादि धर्म क्या है – इस बारे में वर्णन करें | || श्री महादेव उवाच || जीवात्मनं परमात्मनं दानं ध्यानं योगो ज्ञानम् | उत्कल काशीगंगामरणं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||1|| श्री महादेव बोले: जीवात्मा-परमात्मा का ज्ञान, दान, ध्यान, योग पुरी, काशी या गंगा तट पर मृत्यु – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||1|| प्राणं देहं गेहं राज्यं स्वर्गं भोगं योगं मुक्तिम् | भार्यामिष्टं पुत्रं मित्रं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||2|| प्राण, शरीर, गृह, राज्य, स्वर्ग, भोग, योग, मुक्ति, पत्नी, इष्ट, पुत्र, मित्र – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||2|| वानप्रस्थं यतिविधधर्मं पारमहंस्यं भिक्षुकचरितम् | साधोः सेवां बहुसुखभुक्तिं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||3|| वानप्रस्थ धर्म, यति विषयक धर्म, परमहंस के धर्म, भिक्षुक अर्थात् याचक के धर्म – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||3|| विष्णो भक्तिं पूजनरक्तिं वैष्णवसेवां मातरि भक्तिम् | विष्णोरिव पितृसेवनयोगं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||4|| भगवान विष्णु की भक्ति, उनके पूजन में अनुरक्ति, विष्णु भक्तों की सेवा, माता की भक्ति, श्रीविष्णु ही पिता रूप में हैं, इस प्रकार की पिता सेवा – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||4|| प्रत्याहारं चेन्द्रिययजनं प्राणायां न्यासविधानम् | इष्टे पूजा जप तपभक्तिर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||5|| प्रत्याहार और इन्द्रियों का दमन, प्राणायाम, न्यास-विन्यास का विधान, इष्टदेव की पूजा, मंत्र जप, तपस्या व भक्ति – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||5|| काली दुर्गा कमला भुवना त्रिपुरा भीमा बगला पूर्णा | श्रीमातंगी धूमा तारा न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||6|| काली, दुर्गा, लक्ष्मी, भुवनेश्वरि, त्रिपुरासुन्दरी, भीमा, बगलामुखी (पूर्णा), मातंगी, धूमावती व तारा ये सभी मातृशक्तियाँ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||6|| मात्स्यं कौर्मं श्रीवाराहं नरहरिरूपं वामनचरितम् | नरनारायण चरितं योगं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||7|| भगवान के मत्स्य, कूर्म, वाराह, नरसिंह, वामन, नर-नारायण आदि अवतार, उनकी लीलाएँ, चरित्र एवं तप आदि भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||७|| श्रीभृगुदेवं श्रीरघुनाथं श्रीयदुनाथं बौद्धं कल्क्यम् | अवतारा दश वेदविधानं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||8|| भगवान के श्री भृगु, राम, कृष्ण, बुद्ध तथा कल्कि आदि वेदों में वर्णित दस अवतार श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||8|| गंगा काशी कान्ची द्वारा मायाऽयोध्याऽवन्ती मथुरा | यमुना रेवा पुष्करतीर्थ न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||9|| गंगा, यमुना, रेवा आदि पवित्र नदियाँ, काशी, कांची, पुरी, हरिद्वार, द्वारिका, उज्जयिनी, मथुरा, अयोध्या आदि पवित्र पुरियाँ व पुष्करादि तीर्थ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||9|| गोकुलगमनं गोपुररमणं श्रीवृन्दावन मधुपुर रटनम्| एतत् सर्वं सुन्दरि ! मातर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||10|| हे सुन्दरी ! हे मातेश्वरी ! गोकुल यात्रा, गौशालाओं में भ्रमण एवं श्री वृन्दावन व मधुपुर आदि शुभ नामों का रटन – ये सब भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||10|| तुलसीसेवा हरिहरभक्तिः गंगासागर-संगममुक्तिः | किमपरमधिकं कृष्णेभक्तिर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||11|| तुलसी की सेवा, विष्णु व शिव की भक्ति, गंगा सागर के संगम पर देह त्याग और अधिक क्या कहुं परात्पर भगवान श्री कृष्ण की भक्ति भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||11|| एतत् स्तोत्रम् पठति च नित्यं मोक्षज्ञानी सोऽपि च धन्यम् | ब्रह्माण्डान्तर्यद्-यद् ध्येयं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||12|| इस स्तोत्र का जो नित्य पाठ करता है वह आत्मज्ञान एवं मोक्ष दोनों को पाकर धन्य हो जाता है | निश्चित ही समस्त ब्रह्माण्ड मे जिस-जिसका भी ध्यान किया जाता है, उनमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ||12|| ★ || इति वृहदविज्ञान परमेश्वरतंत्रे त्रिपुराशिवसंवादे श्रीगुरोःस्तोत्रम् || ★

Rajat Jain एक ऐसा मंच है जहाँ प्राचीन जैन और हिंदू मंत्रों एवं प्रार्थनाओं का सस्वर पाठ सुनने को मिलता है। यह पॉडकास्ट दैनिक जीवन में आध्यात्मिक शांति और ध्यान के लिए एक सरल रास्ता प्रस्तुत करता है। प्रत्येक एपिसोड में विभिन्न मंत्रों, स्तोत्रों और भजनों की स्पष्ट और भावपूर्ण रिकॉर्डिंग शामिल होती है, जिन्हें सुनकर श्रोता स्वयं को एक शांत और केंद्रित स्थान पर पाते हैं। यह केवल एक रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि एक साझा अनुभव है जहाँ शब्दों की पवित्र ध्वनि मन को शांत करती है और आत्मा को स्पर्श करती है। रजत जैन की आवाज़ में इन प्रार्थनाओं को सुनना एक गहन आंतरिक अनुभव बन जाता है, चाहे आप इसे सुबह की शुरुआत में सुनें या दिनभर की व्यस्तता के बाद विश्राम के क्षणों में। इस पॉडकास्ट का उद्देश्य इन पवित्र ध्वनियों को सभी तक पहुँचाना है, ताकि हर कोई अपनी गति से, बिना किसी जटिलता के, इनके लाभ प्राप्त कर सके। यह आध्यात्मिक अभ्यास का एक सुलभ और नियमित स्रोत है।
Author: Language: Hindi Episodes: 50

Rajat Jain 🚩 #Chanting and #Recitation of #Jain & #Hindu #Mantras and #Prayers
Podcast Episodes
Hanumat Dashak हनुमान दशक [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:52
Hanumat Dashak हनुमान दशकसंकट हर सुख देत है, पवन तनय हनुमान। राम भक्त बजरंगबली, बुद्धि बलज्ञान निधान ॥1 ॥बालपन में सूर्य को, ग्रस लियो हनुमन्त । देवन की सुन विनय को, कष्ट हरे बलवन्त ।।2 ।।बाली के भय से छिपे, गिरि में जा…
Lajja Gauri Stotra लज्जा गौरी स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 1:53
Lajja Gauri Stotra लज्जा गौरी स्तोत्रनमस्ते विश्वजननि सृष्टिस्थित्यन्तकारिणि।कमलासनसंयुक्ते लज्जागौरि नमोऽस्तु ते॥त्वं माता सर्वलोकानां त्वं शक्तिः परमेश्वरी।त्वया धृतं जगत्सर्वं लज्जागौरि नमोऽस्तु ते॥सर्वसंपत्प्रदे देवि…
Sri Parvathi Shakthi Tandav Stuti श्री पार्वती शक्ति तांडव स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 6:51
श्री पार्वती शक्ति तांडव स्तुतिकुचेल-केश-पाश-बद्ध-मल्लिका-सुगन्धिनी, उमेश-वाम-भाग-नित्य-केलि-कंज-धारिणी। अशोक-पुष्प-पल्लवैः सु-रञ्जित-स्व-मूर्धनी, करोतु शक्ति-ताण्डवं सदा शिवा भवानी ॥1॥ललाट-बिन्दु-सिन्धु-रक्त रञ्जिता स्व…
Bala Krishna Ashtakam बालकृष्ण अष्टकम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:09
Bala Krishna Ashtakam बालकृष्ण अष्टकम्श्रीमन्नन्दयशोदा हृदयस्थित भावतत्परो भगवान् ।पुत्रीकृत निजरूपः स जयति पुरतः कृपालुर्बालकृष्णः ॥ १॥कथमपि रिङ्गणम करोद ङ्गणगतजानु घर्षणोद्युक्तः ।कटितटकिङ्किणि जालस्वन शङ्कितमानसः सदा…
Laghu Saptashati लघु सप्तशती [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 6:51
लघु दुर्गासप्तशती - माँ दुर्गा सभी दुखों को हर लेगी। यह पाठ करने से सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ करने का फल प्राप्त होता है। इसका पाठ कसी भी नवरात्रि में माँ दुर्गा के सामने गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करके और धूपबत्ती कर…
Hanumat Kavacham हनुमत् कवचम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 6:06
श्रीमदानन्दरामायणान्तर्गत श्रीहनुमत्कवचं!! ✓ॐ श्री हनुमते नमः ॥ॐ अस्य श्रीहनुमत्कवच स्तोत्र महामन्त्रस्य,श्रीरामचन्द्र ऋषिः । श्रीहनुमान् परमात्मा देवता ।अनुष्टुप् छन्दः। मारुतात्मजेति बीजंअञ्जनीसूनुरिति शक्तिः। लक्ष्मणप…
Sri Kameshwari Stuti श्री कामेश्वरी स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:16
Sri Kameshwari Stuti श्री कामेश्वरी स्तुतिओम ऐं ह्मीं क्लीं कामाख्यायै नमः। ओम क्लीं क्लीं कामाख्या क्लीं क्लीं नमः। युधिष्ठिर उवाच -नमस्ते परमेशानि ब्रह्मरूपे सनातनि ।सुरासुरजगद्वन्द्ये कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ १॥न ते प्…
Ganpati Keelakam गणपति कीलकम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 9:05
Shri Ganesh Keelak Stotram श्री गणेश कीलक स्तोत्रम्दक्ष उवाच।गणेशकीलकं ब्रह्मन् वद सर्वार्थदायकम्।मन्त्रादीनां विशेषेण सिद्धिदं पूर्णभावतः।।१।।मुद्गल उवाच।कीलकेन विहीनाश्च मन्त्रा नैव सुखप्रदाः।आदौ कीलकमेवं वै पठित्वा जप…
Maha Lakshmi Stotram महालक्ष्मी स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 8:30
// श्री महालक्ष्मी स्तोत्र //श्री गणेशाय नमः !!पद्मे पद्मपलाशाक्षि जय त्वं श्रीपतिप्रिये ।जयमातर्महालक्ष्मि संसारार्णवतारिणि ॥१॥महालक्ष्मि नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।हरिप्रिये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥२॥पद्मा…
Ganesh Stavraj गणेश स्तवराज [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:47
Ganesh Stavraj गणेश स्तवराज अजं निर्विकल्पं निराकारमेकं निरानन्दमद्वैतमानन्दपूर्णम् । परं निर्गुणं निर्विशेषं निरीहं परब्रह्मरूपं गणेशं भजेम ॥ १॥गुणातीतमाद्यं चिदानन्दरूपं चिदाभासकं सर्वगं ज्ञानगम्यम् । मुनिध्येयमाकाशरूप…