Ganpati Keelakam गणपति कीलकम्

Ganpati Keelakam गणपति कीलकम्

Author: Rajat Jain February 3, 2026 Duration: 9:05

Shri Ganesh Keelak Stotram श्री गणेश कीलक स्तोत्रम्


दक्ष उवाच।

गणेशकीलकं ब्रह्मन् वद सर्वार्थदायकम्।

मन्त्रादीनां विशेषेण सिद्धिदं पूर्णभावतः।।१।।


मुद्गल उवाच।

कीलकेन विहीनाश्च मन्त्रा नैव सुखप्रदाः।

आदौ कीलकमेवं वै पठित्वा जपमाचरेत्।।२।।


तदा वीर्ययुता मन्त्रा नानासिद्धिप्रदायकाः।

भवन्ति नात्र सन्देहः कथयामि यथाश्रुतम्।।३।।


समादिष्टं चाङ्गिरसा मह्यं गुह्यतमं परम्।

सिद्धिदं वै गणेशस्य कीलकं श‍ृणु मानद।।४।।


अस्य श्रीगणेशकीलकस्य शिव ऋषिः। अनुष्टुप्छन्दः। श्रीगणपतिर्देवता। ॐ गं योगाय स्वाहा। ॐ गं बीजम्। विद्याशक्तिगणपतिप्रीत्यर्थे जपे विनियोगः।


छन्दऋष्यादिन्यासांश्च कुर्यादादौ तथा परान्।

एकाक्षरस्यैव दक्ष षडङ्गानाचरेत् सुधीः।।५।।


ततो ध्यायेद्गणेशानं ज्योतिरूपधरं परम्।

मनोवाणीविहीनं च चतुर्भुजविराजितम्।।६।।


शुण्डादण्डमुखं पूर्णं द्रष्टुं नैव प्रशक्यते।

विद्याऽविद्यासमायुक्तं विभूतिभिरुपासितम्।।७।।


एवं ध्यात्वा गणेशानं मानसैः पूजयेत्पृथक्।

पञ्चोपचारकैर्दक्ष ततो जपं समाचरेत्।।८।।


एकविंशतिवारं तु जपं कुर्यात्प्रजापते।

ततः स्तोत्रं समुच्चार्य पश्चात्सर्वं समाचरेत्।।९।।


रूपं बलं श्रियं देहि यशो वीर्यं गजानन।

मेधां प्रज्ञां तथा कीर्तिं विघ्नराज नमोऽस्तु ते।।१०।।


यदा देवादयः सर्वे कुण्ठिता दैत्यपैः कृताः।

तदा त्वं तान्निहत्य स्म करोषि वीर्यसंयुतान्।।११।।


तथा मन्त्रा गणेशान कुण्ठिताश्च दुरात्मभिः।

शापैश्च तान्सवीर्यांस्ते कुरुष्व त्वं नमो नमः।।१२।।


शक्तयः कुण्ठिताः सर्वाः स्मरणेन त्वया प्रभो।

ज्ञानयुक्ताः सवीर्याश्च कृता विघ्नेश ते नमः।।१३।।


चराचरं जगत्सर्वं सत्ताहीनं यदा भवेत्।

त्वया सत्तायुतं ढुण्ढे स्मरणेन कृतं च ते।।१४।।


तत्त्वानि वीर्यहीनानि यदा जातानि विघ्नप।

स्मृत्या ते वीर्ययुक्तानि पुनर्जातानि ते नमः।।१५।।


ब्रह्माणि योगहीनानि जातानि स्मरणेन ते।

यदा पुनर्गणेशान योगयुक्तानि ते नमः।।१६।।


इत्यादि विविधं सर्वं स्मरणेन च ते प्रभो।

सत्तायुक्तं बभूवैव विघ्नेशाय नमो नमः।।१७।।


तथा मन्त्रा गणेशान वीर्यहीना बभूविरे।

स्मरणेन पुनर्ढुण्ढे वीर्ययुक्तान्कुरुष्व ते।।१८।।


सर्वं सत्तासमायुक्तं मन्त्रपूजादिकं प्रभो।

मम नाम्ना भवतु ते वक्रतुण्डाय ते नमः।।१९।।


उत्कीलय महामन्त्रान् जपेन स्तोत्रपाठतः।

सर्वसिद्धिप्रदा मन्त्रा भवन्तु त्वत्प्रसादतः।।२०।।


गणेशाय नमस्तुभ्यं हेरम्बायैकदन्तिने।0

स्वानन्दवासिने तुभ्यं ब्रह्मणस्पतये नमः।।२१।।


गणेशकीलकमिदं कथितं ते प्रजापते।

शिवप्रोक्तं तु मन्त्राणामुत्कीलनकरं परम्।।२२।।


यः पठिष्यति भावेन जप्त्वा ते मन्त्रमुत्तमम्।

स सर्वसिद्धिमाप्नोति नानामन्त्रसमुद्भवाम्।।२३।।


एनं त्यक्त्वा गणेशस्य मन्त्रं जपति नित्यदा।

स सर्वफलहीनश्च जायते नात्र संशयः।।२४।।


सर्वसिद्धिकरं प्रोक्तं कीलकं परमाद्भुतम्।

पुरानेन स्वयं शम्भुर्मन्त्रजां सिद्धिमालभत्।।२५।।


विष्णुर्ब्रह्मादयो देवा मुनयो योगिनः परे।

अनेन मन्त्रसिद्धिं ते लेभिरे च प्रजापते।।२६।।


ऐलः कीलकमाद्यं वै कृत्वा मन्त्रपरायणः।

गतः स्वानन्दपूर्यां स भक्तराजो बभूव ह।।२७।।


सस्त्रीको जडदेहेन ब्रह्माण्डमवलोक्य तु।

गणेशदर्शनेनैव ज्योतीरूपो बभूव ह।।२८।।


दक्ष उवाच।

Esho जडशरीरस्थः कथं देवादिकैर्युतम्।

ब्रह्माण्डं स ददर्शैव तन्मे वद कुतूहलम्।।२९।।


पुण्यराशिः स्वयं साक्षान्नरकादीन् महामते।

अपश्यच्च कथं सोऽपि पापिदर्शनयोग्यकान्।।३०।।


मुद्गलवाच।

विमानस्थः स्वयं राजा कृपया तान् ददर्श ह।

गाणेशानां जडस्थश्च शिवविष्णुमुखान् प्रभो।।३१।।


स्वानन्दगे विमाने ये संस्थितास्ते शुभाशुभे।

योगरूपतया सर्वे दक्ष पश्यन्ति चाञ्जसा।।३२।।

टी

एतत्ते कथितं सर्वमैलस्य चरितं शुभम्।

यः श‍ृणोति स वै मर्त्यः भुक्तिं मुक्तिं लभेद्ध्रुवम्।।३३।।


।। इति श्रीमुद्गलमहापुराणे पङ्चमे खण्डे लम्बोदरचरिते श्रवणमाहात्म्यवर्णनं नाम पञ्चचत्वारिंशत्तमोऽध्याये श्रीगणेशकीलकस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।।


Rajat Jain एक ऐसा मंच है जहाँ प्राचीन जैन और हिंदू मंत्रों एवं प्रार्थनाओं का सस्वर पाठ सुनने को मिलता है। यह पॉडकास्ट दैनिक जीवन में आध्यात्मिक शांति और ध्यान के लिए एक सरल रास्ता प्रस्तुत करता है। प्रत्येक एपिसोड में विभिन्न मंत्रों, स्तोत्रों और भजनों की स्पष्ट और भावपूर्ण रिकॉर्डिंग शामिल होती है, जिन्हें सुनकर श्रोता स्वयं को एक शांत और केंद्रित स्थान पर पाते हैं। यह केवल एक रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि एक साझा अनुभव है जहाँ शब्दों की पवित्र ध्वनि मन को शांत करती है और आत्मा को स्पर्श करती है। रजत जैन की आवाज़ में इन प्रार्थनाओं को सुनना एक गहन आंतरिक अनुभव बन जाता है, चाहे आप इसे सुबह की शुरुआत में सुनें या दिनभर की व्यस्तता के बाद विश्राम के क्षणों में। इस पॉडकास्ट का उद्देश्य इन पवित्र ध्वनियों को सभी तक पहुँचाना है, ताकि हर कोई अपनी गति से, बिना किसी जटिलता के, इनके लाभ प्राप्त कर सके। यह आध्यात्मिक अभ्यास का एक सुलभ और नियमित स्रोत है।
Author: Language: Hindi Episodes: 50

Rajat Jain 🚩 #Chanting and #Recitation of #Jain & #Hindu #Mantras and #Prayers
Podcast Episodes
Mrit Sanjivani Shukra Vidya मृतसंजीवनी शुक्र विद्या [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:04
मृतसंजीवनीमन्त्र शुक्रविद्या!! ✓ विनियोग:- ॐ अस्य श्रीमृतसंजीवनी महामन्त्रस्य ॐ सदाशिव ऋषिः । ॐ गायत्रीच्छंदः । ॐ पराशक्तिर्देवता। ॐ हं बीजं। ॐ सौं शक्तिः । ॐ हं कीलकं । ॐ श्रीं पराशक्ति प्रीत्यर्थं सर्वमंत्र संजीवनार्थं…
Surabhi Stotram सुरभि स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:32
।। श्री सुरभि स्तोत्रम् ।। ✓नमो देव्यै महादेव्यै सुरभ्यै च नमो नमः ।गवां बीज स्वरूपायै नमस्ते जगदम्बिके ॥ १॥नमो राधा प्रियायै च पद्मांशायै नमो नमः ।नमः कृष्ण प्रियायै च गवां मात्रे नमो नमः ॥ २॥कल्पवृक्ष स्वरूपायै सर्वेषा…
Sarva Dev Krit Lakshmi Stotra सर्वदेव कृत लक्ष्मी स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:59
🌹सर्वदेव कृत लक्ष्मी स्तोत्र 🌹🌹क्षमस्व भगवत्यम्ब क्षमाशीले परात्परे।शुद्धसत्त्वस्वरूपे च कोपादिपरिवर्जिते ॥१॥🌹उपमे सर्वसाध्वीनां देवीनां देवपूजिते।त्वया विना जगत्सर्वं मृततुल्यं च निष्फलम् ॥ २॥🌹सर्वसम्पत्स्वरूपा त्वं सर्…
Hema Malini Stotram हेमा मालिनी स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 7:22
।। हेमामालिनी स्तोत्रम् ।।ध्यानं-हेमवर्णां चतुर्बाहुं रत्नसिंहासनस्थिताम्।पद्महस्ता वराभीति करां दन्तोल्लासितविग्रहम्।।कौस्तुभाभरणोपेतां कीर्तिमालाविभूषिताम्।त्रैलोक्यजननीं वन्दे हेममालिन्यरूपिणीम्।।स्तोत्रं-हेमवर्णे हेम…
Navgrah Stuti नवग्रह स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:39
Navgrah Stuti नवग्रह स्तुति ॐ आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकरः ॥आयुरारोग्यं मे देहि कुरू शांतिं शुभप्रदाम् ॥रोहिणीश सुधामूर्ते सुधारूप सुधाशन ॥ सोम सौम्यो भवास्माकं सर्वारिष्टं निवारय ॥ कुज कुप्रभवोऽपि त्वं मंगलः परिग…
Asit Kritam Shiva Stotram असित कृतं शिव स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:39
Asit Kritam Shiva Stotram असित कृतं शिव स्तोत्रम्जगद्गुरो नम्स्तुभ्यं शिवाय शिवदाय च ।योगीन्द्राणां च योगीन्द्र गुरूणां गुरवे नमः ॥१॥ मृत्योर्मृत्युस्वरूपेण मृत्युसंसारखण्डन ।मृत्योरीश मृत्युबीज मृत्युञ्जय नमोऽस्तु ते ॥२…
Sri Durga Panjar Stotram श्री दुर्गा पञ्जर स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:46
• श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रम् •विनियोगः-ॐ अस्य श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रस्य सूर्य ऋषिः, त्रिष्टुप्छन्दः,छाया देवता, श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्र पाठे विनियोगः ।* ध्यानम् ॐ हेम प्रख्यामिन्दु खण्डात्तमौलिं शङ्खाभीष्टा भीति हस्तां त…
Durga Stuti दुर्गा स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 10:50
Tantroktam Devi Suktam तंत्रोक्तम् देवी सूक्तम् ★ नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः । नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्मरताम् ।। 1 ।। रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः | ज्योसनायै चेंदु रुपिन्यै सुखा…
Dash Mahavidya Stotram दश महाविद्या स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 5:48
Dash Mahavidya Stotra दश महाविद्या स्तोत्र 🍁दुर्ल्लभं मारिणींमार्ग दुर्ल्लभं तारिणींपदम्।मन्त्रार्थ मंत्रचैतन्यं दुर्ल्लभं शवसाधनम्।।श्मशानसाधनं योनिसाधनं ब्रह्मसाधनम्।क्रियासाधनमं भक्तिसाधनं मुक्तिसाधनम्।।तव प्रसादाद्दे…
Utpaat Nashan Ganesh Stotra उत्पात नाशन गणेश स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:12
Utpaat Nashan Ganesh Stotra उत्पात नाशन गणेश स्तोत्र यक्षगन्धर्वविप्राणां गजाश्वरथपक्षिणाम् ।भूतभव्यभविष्यस्य बुद्धीन्द्रियगणस्य च ॥हर्षस्य शोकदुःखस्य सुखस्य ज्ञानमोहयोः ।अर्थस्य कार्यजातस्य लाभहान्योस्तथैव च ॥ स्वर्गपात…