Hanumat Mantra Anushthan हनुमत् मन्त्र अनुष्ठान

Hanumat Mantra Anushthan हनुमत् मन्त्र अनुष्ठान

Author: Rajat Jain August 10, 2024 Duration: 12:55
Hanumat Mantra Anushthan हनुमत् मन्त्र अनुष्ठान (प्रस्तुत विधान के प्रत्येक मन्त्र के ११००० ‘जप‘ एवं दशांश ‘हवन’ से सिद्धि होती है। हनुमान जी के मन्दिर में, ‘रुद्राक्ष’ की माला से ब्रह्मचर्य-पूर्वक ‘जप करें। कठिन-से-कठिन कार्य इन मन्त्रों की सिद्धि से सुचारु रुप से होते हैं।) ★ ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वायु-सुताय, अञ्जनी-गर्भ-सम्भूताय, अखण्ड-ब्रह्मचर्य-व्रत-पालन-तत्पराय, धवली-कृत-जगत्-त्रितयाय, ज्वलदग्नि-सूर्य-कोटि-समप्रभाय, प्रकट-पराक्रमाय, आक्रान्त-दिग्-मण्डलाय, यशोवितानाय, यशोऽलंकृताय, शोभिताननाय, महा-सामर्थ्याय, महा-तेज-पुञ्जः-विराजमानाय, श्रीराम-भक्ति-तत्पराय, श्रीराम-लक्ष्मणानन्द-कारणाय, कवि-सैन्य-प्राकाराय, सुग्रीव-सख्य-कारणाय, सुग्रीव-साहाय्य-कारणाय, ब्रह्मास्त्र-ब्रह्म-शक्ति-ग्रसनाय, लक्ष्मण-शक्ति-भेद-निवारणाय, शल्य-विशल्यौषधि-समानयनाय, बालोदित-भानु-मण्डल-ग्रसनाय, अक्षकुमार-छेदनाय, वन-रक्षाकर-समूह-विभञ्जनाय, द्रोण-पर्वतोत्पाटनाय, स्वामि-वचन-सम्पादितार्जुन, संयुग-संग्रामाय, गम्भीर-शब्दोदयाय, दक्षिणाशा-मार्तण्डाय, मेरु-पर्वत-पीठिकार्चनाय, दावानल-कालाग्नि-रुद्राय, समुद्र-लंघनाय, सीताऽऽश्वासनाय, सीता-रक्षकाय, राक्षसी-संघ-विदारणाय, अशोक-वन-विदारणाय, लंका-पुरी-दहनाय, दश-ग्रीव-शिरः-कृन्त्तकाय, कुम्भकर्णादि-वध-कारणाय, बालि-निर्वहण-कारणाय, मेघनाद-होम-विध्वंसनाय, इन्द्रजित-वध-कारणाय, सर्व-शास्त्र-पारंगताय, सर्व-ग्रह-विनाशकाय, सर्व-ज्वर-हराय, सर्व-भय-निवारणाय, सर्व-कष्ट-निवारणाय, सर्वापत्ति-निवारणाय, सर्व-दुष्टादि-निबर्हणाय, सर्व-शत्रुच्छेदनाय, भूत-प्रेत-पिशाच-डाकिनी-शाकिनी-ध्वंसकाय, सर्व-कार्य-साधकाय, प्राणि-मात्र-रक्षकाय, राम-दूताय-स्वाहा।। २. ॐ नमो हनुमते, रुद्रावताराय, विश्व-रुपाय, अमित-विक्रमाय, प्रकट-पराक्रमाय, महा-बलाय, सूर्य-कोटि-समप्रभाय, राम-दूताय-स्वाहा।। ३. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय राम-सेवकाय, राम-भक्ति-तत्पराय, राम-हृदयाय, लक्ष्मण-शक्ति-भेद-निवारणाय, लक्ष्मण-रक्षकाय, दुष्ट-निबर्हणाय, राम-दूताय स्वाहा।। ४. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्व-शत्रु-संहारणाय, सर्व-रोग-हराय, सर्व-वशीकरणाय, राम-दूताय स्वाहा।। ५. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, आध्यात्मिकाधि-दैविकाधि-भौतिक-ताप-त्रय-निवारणाय, राम-दूताय स्वाहा।। ६. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, देव-दानवर्षि-मुनि-वरदाय, राम-दूताय स्वाहा।। ७. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, भक्त-जन-मनः-कल्पना-कल्पद्रुमाय, दुष्ट-मनोरथ-स्तम्भनाय, प्रभञ्जन-प्राण-प्रियाय, महा-बल-पराक्रमाय, महा-विपत्ति-निवारणाय, पुत्र-पौत्र-धन-धान्यादि-विविध-सम्पत्-प्रदाय, राम-दूताय स्वाहा।। ८. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वज्र-देहाय, वज्र-नखाय, वज्र-मुखाय, वज्र-रोम्णे, वज्र-नेत्राय, वज्र-दन्ताय, वज्र-कराय, वज्र-भक्ताय, राम-दूताय स्वाहा।। ९. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पर-यन्त्र-मन्त्र-तन्त्र-त्राटक-नाशकाय, सर्व-ज्वरच्छेदकाय, सर्व-व्याधि-निकृन्त्तकाय, सर्व-भय-प्रशमनाय, सर्व-दुष्ट-मुख-स्तम्भनाय, सर्व-कार्य-सिद्धि-प्रदाय, राम-दूताय स्वाहा।। १०. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, देव-दानव-यक्ष-राक्षस-भूत-प्रेत-पिशाच-डाकिनी-शाकिनी-दुष्ट-ग्रह-बन्धनाय, राम-दूताय स्वाहा।। ११. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पँच-वदनाय पूर्व-मुखे सकल-शत्रु-संहारकाय, राम-दूताय स्वाहा।। १२. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पञ्च-वदनाय दक्षिण-मुखे कराल-वदनाय, नारसिंहाय, सकल-भूत-प्रेत-दमनाय, राम-दूताय स्वाहा।। १३. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पञ्च वदनाय पश्चिम-मुखे गरुडाय, सकल-विष-निवारणाय, राम-दूताय स्वाहा।। १४. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पञ्च वदनाय उत्तर मुखे आदि-वराहाय, सकल-सम्पत्-कराय, राम-दूताय स्वाहा।। १५. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, उर्ध्व-मुखे, हय-ग्रीवाय, सकल-जन-वशीकरणाय, राम-दूताय स्वाहा।। १६. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, सर्व-ग्रहान, भूत-भविष्य-वर्त्तमानान्- समीप-स्थान् सर्व-काल-दुष्ट-बुद्धीनुच्चाटयोच्चाटय पर-बलानि क्षोभय-क्षोभय, मम सर्व-कार्याणि साधय-साधय स्वाहा।। १७. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, पर-कृत-यन्त्र-मन्त्र-पराहंकार-भूत-प्रेत-पिशाच- पर-दृष्टि-सर्व-विध्न-तर्जन-चेटक-विद्या-सर्व-ग्रह-भयं निवारय निवारय स्वाहा।। १८. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, डाकिनी-शाकिनी-ब्रह्म-राक्षस-कुल-पिशाचोरु- भयं निवारय निवारय स्वाहा।। १९. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, भूत-ज्वर-प्रेत-ज्वर-चातुर्थिक-ज्वर-विष्णु-ज्वर-महेश-ज्वर निवारय निवारय स्वाहा।। २०. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, अक्षि-शूल-पक्ष-शूल-शिरोऽभ्यन्तर-शूल-पित्त-शूल-ब्रह्म-राक्षस-शूल-पिशाच-कुलच्छेदनं निवारय निवारय स्वाहा।। ◆

Rajat Jain एक ऐसा मंच है जहाँ प्राचीन जैन और हिंदू मंत्रों एवं प्रार्थनाओं का सस्वर पाठ सुनने को मिलता है। यह पॉडकास्ट दैनिक जीवन में आध्यात्मिक शांति और ध्यान के लिए एक सरल रास्ता प्रस्तुत करता है। प्रत्येक एपिसोड में विभिन्न मंत्रों, स्तोत्रों और भजनों की स्पष्ट और भावपूर्ण रिकॉर्डिंग शामिल होती है, जिन्हें सुनकर श्रोता स्वयं को एक शांत और केंद्रित स्थान पर पाते हैं। यह केवल एक रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि एक साझा अनुभव है जहाँ शब्दों की पवित्र ध्वनि मन को शांत करती है और आत्मा को स्पर्श करती है। रजत जैन की आवाज़ में इन प्रार्थनाओं को सुनना एक गहन आंतरिक अनुभव बन जाता है, चाहे आप इसे सुबह की शुरुआत में सुनें या दिनभर की व्यस्तता के बाद विश्राम के क्षणों में। इस पॉडकास्ट का उद्देश्य इन पवित्र ध्वनियों को सभी तक पहुँचाना है, ताकि हर कोई अपनी गति से, बिना किसी जटिलता के, इनके लाभ प्राप्त कर सके। यह आध्यात्मिक अभ्यास का एक सुलभ और नियमित स्रोत है।
Author: Language: Hindi Episodes: 50

Rajat Jain 🚩 #Chanting and #Recitation of #Jain & #Hindu #Mantras and #Prayers
Podcast Episodes
Shri Yugalashtakam श्री युगलाष्टकम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:28
// श्री युगल अष्टकम‌् // कृष्णप्रेममयी राधा, राधाप्रेममयो हरिः।जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम ।।०१ कृष्णस्य द्रविणं राधा, राधाया द्रविणं हरिः।जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम ।।०२कृष्णप्राणमयी राधा, राधाप्र…
Mrit Sanjivani Shukra Vidya मृतसंजीवनी शुक्र विद्या [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:04
मृतसंजीवनीमन्त्र शुक्रविद्या!! ✓ विनियोग:- ॐ अस्य श्रीमृतसंजीवनी महामन्त्रस्य ॐ सदाशिव ऋषिः । ॐ गायत्रीच्छंदः । ॐ पराशक्तिर्देवता। ॐ हं बीजं। ॐ सौं शक्तिः । ॐ हं कीलकं । ॐ श्रीं पराशक्ति प्रीत्यर्थं सर्वमंत्र संजीवनार्थं…
Surabhi Stotram सुरभि स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:32
।। श्री सुरभि स्तोत्रम् ।। ✓नमो देव्यै महादेव्यै सुरभ्यै च नमो नमः ।गवां बीज स्वरूपायै नमस्ते जगदम्बिके ॥ १॥नमो राधा प्रियायै च पद्मांशायै नमो नमः ।नमः कृष्ण प्रियायै च गवां मात्रे नमो नमः ॥ २॥कल्पवृक्ष स्वरूपायै सर्वेषा…
Sarva Dev Krit Lakshmi Stotra सर्वदेव कृत लक्ष्मी स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:59
🌹सर्वदेव कृत लक्ष्मी स्तोत्र 🌹🌹क्षमस्व भगवत्यम्ब क्षमाशीले परात्परे।शुद्धसत्त्वस्वरूपे च कोपादिपरिवर्जिते ॥१॥🌹उपमे सर्वसाध्वीनां देवीनां देवपूजिते।त्वया विना जगत्सर्वं मृततुल्यं च निष्फलम् ॥ २॥🌹सर्वसम्पत्स्वरूपा त्वं सर्…
Hema Malini Stotram हेमा मालिनी स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 7:22
।। हेमामालिनी स्तोत्रम् ।।ध्यानं-हेमवर्णां चतुर्बाहुं रत्नसिंहासनस्थिताम्।पद्महस्ता वराभीति करां दन्तोल्लासितविग्रहम्।।कौस्तुभाभरणोपेतां कीर्तिमालाविभूषिताम्।त्रैलोक्यजननीं वन्दे हेममालिन्यरूपिणीम्।।स्तोत्रं-हेमवर्णे हेम…
Navgrah Stuti नवग्रह स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:39
Navgrah Stuti नवग्रह स्तुति ॐ आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकरः ॥आयुरारोग्यं मे देहि कुरू शांतिं शुभप्रदाम् ॥रोहिणीश सुधामूर्ते सुधारूप सुधाशन ॥ सोम सौम्यो भवास्माकं सर्वारिष्टं निवारय ॥ कुज कुप्रभवोऽपि त्वं मंगलः परिग…
Asit Kritam Shiva Stotram असित कृतं शिव स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:39
Asit Kritam Shiva Stotram असित कृतं शिव स्तोत्रम्जगद्गुरो नम्स्तुभ्यं शिवाय शिवदाय च ।योगीन्द्राणां च योगीन्द्र गुरूणां गुरवे नमः ॥१॥ मृत्योर्मृत्युस्वरूपेण मृत्युसंसारखण्डन ।मृत्योरीश मृत्युबीज मृत्युञ्जय नमोऽस्तु ते ॥२…
Sri Durga Panjar Stotram श्री दुर्गा पञ्जर स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:46
• श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रम् •विनियोगः-ॐ अस्य श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रस्य सूर्य ऋषिः, त्रिष्टुप्छन्दः,छाया देवता, श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्र पाठे विनियोगः ।* ध्यानम् ॐ हेम प्रख्यामिन्दु खण्डात्तमौलिं शङ्खाभीष्टा भीति हस्तां त…
Durga Stuti दुर्गा स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 10:50
Tantroktam Devi Suktam तंत्रोक्तम् देवी सूक्तम् ★ नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः । नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्मरताम् ।। 1 ।। रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः | ज्योसनायै चेंदु रुपिन्यै सुखा…
Dash Mahavidya Stotram दश महाविद्या स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 5:48
Dash Mahavidya Stotra दश महाविद्या स्तोत्र 🍁दुर्ल्लभं मारिणींमार्ग दुर्ल्लभं तारिणींपदम्।मन्त्रार्थ मंत्रचैतन्यं दुर्ल्लभं शवसाधनम्।।श्मशानसाधनं योनिसाधनं ब्रह्मसाधनम्।क्रियासाधनमं भक्तिसाधनं मुक्तिसाधनम्।।तव प्रसादाद्दे…