Jain Suprabhat Stotra जैन सुप्रभात स्तोत्र

Jain Suprabhat Stotra जैन सुप्रभात स्तोत्र

Author: Rajat Jain July 27, 2024 Duration: 6:33
Jain Suprabhat Stotra जैन सुप्रभात स्तोत्र ★ यत्स्वर्गावतरोत्सवे यदभवज्जन्माभिषेकोत्सवे, यद्दीक्षाग्रहणोत्सवे यदखिल-ज्ञानप्रकाशोत्सवे । यन्निर्वाणगमोत्सवे जिनपते: पूजाद्भुतं तद्भवै:, सङ्गीतस्तुतिमङ्गलै: प्रसरतां मे सुप्रभातोत्सव:॥१॥ श्रीमन्नतामर-किरीटमणिप्रभाभि-, रालीढपादयुग- दुर्द्धरकर्मदूर, श्रीनाभिनन्दन ! जिनाजित ! शम्भवाख्य, त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥२॥ छत्रत्रय प्रचल चामर- वीज्यमान, देवाभिनन्दनमुने! सुमते! जिनेन्द्र! पद्मप्रभा रुणमणि-द्युतिभासुराङ्ग त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥३॥ अर्हन्! सुपाश्र्व! कदली दलवर्णगात्र, प्रालेयतार गिरि मौक्तिक वर्णगौर ! चन्द्रप्रभ! स्फटिक पाण्डुर पुष्पदन्त! त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥४॥ सन्तप्त काञ्चनरुचे जिन! शीतलाख्य! श्रेयान विनष्ट दुरिताष्टकलङ्क पङ्क बन्धूक बन्धुररुचे! जिन! वासुपूज्य! त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥५॥ उद्दण्ड दर्पक-रिपो विमला मलाङ्ग! स्थेमन्ननन्त-जिदनन्त सुखाम्बुराशे दुष्कर्म कल्मष विवर्जित-धर्मनाथ! त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥६॥ देवामरी-कुसुम सन्निभ-शान्तिनाथ! कुन्थो! दयागुण विभूषण भूषिताङ्ग। देवाधिदेव!भगवन्नरतीर्थ नाथ, त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥७॥ यन्मोह मल्लमद भञ्जन-मल्लिनाथ! क्षेमङ्करा वितथ शासन -सुव्रताख्य! सत्सम्पदा प्रशमितो नमि नामधेय त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥८॥ तापिच्छ गुच्छ रुचिरोज्ज्वल-नेमिनाथ! घोरोपसर्ग विजयिन् जिन! पार्श्वनाथ! स्याद्वाद सूक्ति मणि दर्पण! वर्धमान! त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥९॥ प्रालेय नील - हरि तारुण-पीतभासम् यन्मूर्ति मव्यय सुखावसथं मुनीन्द्रा:। ध्यायन्ति सप्तति शतं जिन वल्लभानां, त्वद्ध्यानतोऽस्तु सततं मम सुप्रभातम् ॥१०॥ सुप्रभातं सुनक्षत्रं माङ्गल्यं परिकीर्तितम्। चतुर्विंशति तीर्थानां सुप्रभातं दिने दिने ॥११॥ सुप्रभातं सुनक्षत्रं श्रेय: प्रत्यभिनन्दितम्। देवता ऋषय: सिद्धा: सुप्रभातं दिने दिने ॥१२॥ सुप्रभातं तवैकस्य वृषभस्य महात्मन: येन प्रवर्तितं तीर्थं भव्यसत्त्व सुखावहम् ॥१३॥ सुप्रभातं जिनेन्द्राणां ज्ञानोन्मीलितचक्षुषाम्। अज्ञानतिमिरान्धानां नित्यमस्तमितो रवि: ॥१४॥ सुप्रभातं जिनेन्द्रस्य वीर: कमललोचन:। येन कर्माटवी दग्धा शुक्लध्यानोग्र वह्निनना ॥१५॥ सुप्रभातं सुनक्षत्रं सुकल्याणं सुमङ्गलम्। त्रैलोक्यहितकर्र्तृणां जिनानामेव शासनम् ॥१६॥ • इति सुप्रभात स्तोत्र

Rajat Jain एक ऐसा मंच है जहाँ प्राचीन जैन और हिंदू मंत्रों एवं प्रार्थनाओं का सस्वर पाठ सुनने को मिलता है। यह पॉडकास्ट दैनिक जीवन में आध्यात्मिक शांति और ध्यान के लिए एक सरल रास्ता प्रस्तुत करता है। प्रत्येक एपिसोड में विभिन्न मंत्रों, स्तोत्रों और भजनों की स्पष्ट और भावपूर्ण रिकॉर्डिंग शामिल होती है, जिन्हें सुनकर श्रोता स्वयं को एक शांत और केंद्रित स्थान पर पाते हैं। यह केवल एक रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि एक साझा अनुभव है जहाँ शब्दों की पवित्र ध्वनि मन को शांत करती है और आत्मा को स्पर्श करती है। रजत जैन की आवाज़ में इन प्रार्थनाओं को सुनना एक गहन आंतरिक अनुभव बन जाता है, चाहे आप इसे सुबह की शुरुआत में सुनें या दिनभर की व्यस्तता के बाद विश्राम के क्षणों में। इस पॉडकास्ट का उद्देश्य इन पवित्र ध्वनियों को सभी तक पहुँचाना है, ताकि हर कोई अपनी गति से, बिना किसी जटिलता के, इनके लाभ प्राप्त कर सके। यह आध्यात्मिक अभ्यास का एक सुलभ और नियमित स्रोत है।
Author: Language: Hindi Episodes: 50

Rajat Jain 🚩 #Chanting and #Recitation of #Jain & #Hindu #Mantras and #Prayers
Podcast Episodes
Shri Yugalashtakam श्री युगलाष्टकम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:28
// श्री युगल अष्टकम‌् // कृष्णप्रेममयी राधा, राधाप्रेममयो हरिः।जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम ।।०१ कृष्णस्य द्रविणं राधा, राधाया द्रविणं हरिः।जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम ।।०२कृष्णप्राणमयी राधा, राधाप्र…
Mrit Sanjivani Shukra Vidya मृतसंजीवनी शुक्र विद्या [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:04
मृतसंजीवनीमन्त्र शुक्रविद्या!! ✓ विनियोग:- ॐ अस्य श्रीमृतसंजीवनी महामन्त्रस्य ॐ सदाशिव ऋषिः । ॐ गायत्रीच्छंदः । ॐ पराशक्तिर्देवता। ॐ हं बीजं। ॐ सौं शक्तिः । ॐ हं कीलकं । ॐ श्रीं पराशक्ति प्रीत्यर्थं सर्वमंत्र संजीवनार्थं…
Surabhi Stotram सुरभि स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:32
।। श्री सुरभि स्तोत्रम् ।। ✓नमो देव्यै महादेव्यै सुरभ्यै च नमो नमः ।गवां बीज स्वरूपायै नमस्ते जगदम्बिके ॥ १॥नमो राधा प्रियायै च पद्मांशायै नमो नमः ।नमः कृष्ण प्रियायै च गवां मात्रे नमो नमः ॥ २॥कल्पवृक्ष स्वरूपायै सर्वेषा…
Sarva Dev Krit Lakshmi Stotra सर्वदेव कृत लक्ष्मी स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:59
🌹सर्वदेव कृत लक्ष्मी स्तोत्र 🌹🌹क्षमस्व भगवत्यम्ब क्षमाशीले परात्परे।शुद्धसत्त्वस्वरूपे च कोपादिपरिवर्जिते ॥१॥🌹उपमे सर्वसाध्वीनां देवीनां देवपूजिते।त्वया विना जगत्सर्वं मृततुल्यं च निष्फलम् ॥ २॥🌹सर्वसम्पत्स्वरूपा त्वं सर्…
Hema Malini Stotram हेमा मालिनी स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 7:22
।। हेमामालिनी स्तोत्रम् ।।ध्यानं-हेमवर्णां चतुर्बाहुं रत्नसिंहासनस्थिताम्।पद्महस्ता वराभीति करां दन्तोल्लासितविग्रहम्।।कौस्तुभाभरणोपेतां कीर्तिमालाविभूषिताम्।त्रैलोक्यजननीं वन्दे हेममालिन्यरूपिणीम्।।स्तोत्रं-हेमवर्णे हेम…
Navgrah Stuti नवग्रह स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:39
Navgrah Stuti नवग्रह स्तुति ॐ आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकरः ॥आयुरारोग्यं मे देहि कुरू शांतिं शुभप्रदाम् ॥रोहिणीश सुधामूर्ते सुधारूप सुधाशन ॥ सोम सौम्यो भवास्माकं सर्वारिष्टं निवारय ॥ कुज कुप्रभवोऽपि त्वं मंगलः परिग…
Asit Kritam Shiva Stotram असित कृतं शिव स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:39
Asit Kritam Shiva Stotram असित कृतं शिव स्तोत्रम्जगद्गुरो नम्स्तुभ्यं शिवाय शिवदाय च ।योगीन्द्राणां च योगीन्द्र गुरूणां गुरवे नमः ॥१॥ मृत्योर्मृत्युस्वरूपेण मृत्युसंसारखण्डन ।मृत्योरीश मृत्युबीज मृत्युञ्जय नमोऽस्तु ते ॥२…
Sri Durga Panjar Stotram श्री दुर्गा पञ्जर स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:46
• श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रम् •विनियोगः-ॐ अस्य श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रस्य सूर्य ऋषिः, त्रिष्टुप्छन्दः,छाया देवता, श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्र पाठे विनियोगः ।* ध्यानम् ॐ हेम प्रख्यामिन्दु खण्डात्तमौलिं शङ्खाभीष्टा भीति हस्तां त…
Durga Stuti दुर्गा स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 10:50
Tantroktam Devi Suktam तंत्रोक्तम् देवी सूक्तम् ★ नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः । नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्मरताम् ।। 1 ।। रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः | ज्योसनायै चेंदु रुपिन्यै सुखा…
Dash Mahavidya Stotram दश महाविद्या स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 5:48
Dash Mahavidya Stotra दश महाविद्या स्तोत्र 🍁दुर्ल्लभं मारिणींमार्ग दुर्ल्लभं तारिणींपदम्।मन्त्रार्थ मंत्रचैतन्यं दुर्ल्लभं शवसाधनम्।।श्मशानसाधनं योनिसाधनं ब्रह्मसाधनम्।क्रियासाधनमं भक्तिसाधनं मुक्तिसाधनम्।।तव प्रसादाद्दे…