Tikkhuton Ka Paath (Guru Vandan) तिक्खुतों का पाठ (गुरु वंदन)

Tikkhuton Ka Paath (Guru Vandan) तिक्खुतों का पाठ (गुरु वंदन)

Author: Rajat Jain July 21, 2024 Duration: 6:30
Tikkhuton Ka Paath (Guru Vandan) तिक्खुतों का पाठ (गुरु वंदन) • जब कभी हम संत मुनिराज के पास जाते हैं अथवा मुनिराज हमारे सामने आते दिखते हैं तो हम तिक्खुतों का पाठ का उच्चारण कर वंदन करते हैं। तिक्खुतों के उच्चारण के साथ किया गया विधिपूर्वक भाव वंदन अत्यंत प्रभावशाली हो जाता है। गुरु वंदन का पाठ • तिक्खुत्तों आयाहिणं पयाहिणं करेमि, वंदामि, नमंसामि, सक्कारेमि, सम्माणेमि कल्लाणं मंगलं, देवयं, चेइयं, पज्जुवासामि मत्थएण वंदामि। • भावार्थः- भगवन्! दाहिनी और से प्रारम्भ करके पुनः दाहिनी और तक आपकी तीन बार प्रदक्षिणा करता हूँ। आपको मैं वंदना करता हूँ, नमस्कार करता हूँ, आपका सत्कार करता हूँ, सम्मान करता हूँ। आप कल्याण रूप हैं, मंगल रूप हैं, देव स्वरूप हैं, चैत्य स्वरूप यानी ज्ञान स्वरूप हैं। मैं आपको मस्तिष्क झुकाकर आपके चरण कमलों में मन, वचन और काया से सेवा भक्ति अर्थात् पर्युपासना एवं वंदना करता हूँ। • तिक्खुतों के पाठ में चयनित शब्दों का रहस्यः- गुरु वंदन हेतु, अभिव्यक्ति के लिए तिक्खुतो के पाठ में विनय के सूचक चार शब्द हैं। नमनसामि का मतलब मैं शरीर से झुकता हूँ। वंदामि का अर्थ मैं वाणी द्वारा आपके गुणों का आदर करता हूँ। मन से गुरु के प्रति सक्कारेमि, अहोभाव का सूचक है तो सम्माणेमि का मतलब गुरु को देख मेरी प्राथमिकता आपके समीप आकर दर्शन की है। इस प्रकार के सही भावपूर्वक वंदन करने से मन, वचन और काया तीनों का तालमेल हो जाता है। वाणी से गुरु का गुणगान करने एवं उनको कल्याणकारी, मंगलकारी, देव स्वरूप कहने से उनके प्रति श्रद्धा, आदर, बहुमान की अभिव्यक्ति होती है और मन चुम्बक की भांति गुरु के प्रति आकर्षित होने लगता है। जिससे वंदन करने वाले में भावात्मक बदलाव आ जाता है। इसके साथ ही उसमें रेकी और प्राणिक हिलींग के सिद्धान्तानुसार गुरु की ऊर्जा, आशीर्वाद की तरंगों का प्रवाह होने लगता है। फलतः व्यक्ति की अशुभ लेश्याएँ शुभ में परिवर्तित होने लगती है। आभा मंडल शुद्ध होने लगता है। दूसरों के जो-जो गुणों एवं दोषों का हम बखान करते हैं, वे हमारे अंदर भी विकसित होने लगते हैं। अर्थात् गुणाणुवाद से, वंदन कर्ता में भी सद्गुण बढ़ने लगते हैं। परिणाम स्वरूप वंदन कर्ता भय, तनाव, दुःख, नकारात्मक सोच आदि भावों से मुक्त होने लगता है एवं उसमें अभय, सन्तोष, प्रसन्नता, उत्साह का प्रार्दुभाव होने लगता है। आत्मा कर्मो के आवरण से मुक्त एवं हल्की होने लगती है। हल्की वस्तु ऊपर उठती है। अतः सही विधि द्वारा गुरु वंदन पाठ से भावों द्वारा गुरु वंदन से नीच गौत्र का बंध नहीं होता। वंदन करते समय दृष्टि गुरु की तरफ, भावों में गुरु के प्रति श्रद्धा एवं विनय तथा वाणी में गुरु के गुणों के प्रति प्रमोदभाव की अभिव्यक्ति हो। वंदन बिना किसी स्वार्थ एवं कामना के अहोभाव पूर्वक होना चाहिए अन्यथा वह मात्र द्रव्य वंदन ही होगा, जिससे अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा। चिन्तनपूर्वक समझकर की गई धार्मिक क्रियाओं से लाभ बहुत बढ़ जाता है। तिक्खुतों के पाठ में उच्चारित प्रत्येक शब्द के रहस्य का चिंतन करते हुए यदि शारीरिक क्रिया करें तो वह क्रिया कभी भार स्वरूप नहीं लगती। रोग भी दुःख, तनाव, भय, अशान्ति का प्रमुख कारण है। गुरु वंदन से कषाय मंद होते हैं। प्रमाद दूर होता है और संयमित जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। फलतः अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है और रोगों से मुक्ति मिलती है। •

Rajat Jain एक ऐसा मंच है जहाँ प्राचीन जैन और हिंदू मंत्रों एवं प्रार्थनाओं का सस्वर पाठ सुनने को मिलता है। यह पॉडकास्ट दैनिक जीवन में आध्यात्मिक शांति और ध्यान के लिए एक सरल रास्ता प्रस्तुत करता है। प्रत्येक एपिसोड में विभिन्न मंत्रों, स्तोत्रों और भजनों की स्पष्ट और भावपूर्ण रिकॉर्डिंग शामिल होती है, जिन्हें सुनकर श्रोता स्वयं को एक शांत और केंद्रित स्थान पर पाते हैं। यह केवल एक रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि एक साझा अनुभव है जहाँ शब्दों की पवित्र ध्वनि मन को शांत करती है और आत्मा को स्पर्श करती है। रजत जैन की आवाज़ में इन प्रार्थनाओं को सुनना एक गहन आंतरिक अनुभव बन जाता है, चाहे आप इसे सुबह की शुरुआत में सुनें या दिनभर की व्यस्तता के बाद विश्राम के क्षणों में। इस पॉडकास्ट का उद्देश्य इन पवित्र ध्वनियों को सभी तक पहुँचाना है, ताकि हर कोई अपनी गति से, बिना किसी जटिलता के, इनके लाभ प्राप्त कर सके। यह आध्यात्मिक अभ्यास का एक सुलभ और नियमित स्रोत है।
Author: Language: Hindi Episodes: 50

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Shri Yugalashtakam श्री युगलाष्टकम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:28
// श्री युगल अष्टकम‌् // कृष्णप्रेममयी राधा, राधाप्रेममयो हरिः।जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम ।।०१ कृष्णस्य द्रविणं राधा, राधाया द्रविणं हरिः।जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम ।।०२कृष्णप्राणमयी राधा, राधाप्र…
Mrit Sanjivani Shukra Vidya मृतसंजीवनी शुक्र विद्या [not-audio_url] [/not-audio_url]

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मृतसंजीवनीमन्त्र शुक्रविद्या!! ✓ विनियोग:- ॐ अस्य श्रीमृतसंजीवनी महामन्त्रस्य ॐ सदाशिव ऋषिः । ॐ गायत्रीच्छंदः । ॐ पराशक्तिर्देवता। ॐ हं बीजं। ॐ सौं शक्तिः । ॐ हं कीलकं । ॐ श्रीं पराशक्ति प्रीत्यर्थं सर्वमंत्र संजीवनार्थं…
Surabhi Stotram सुरभि स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:32
।। श्री सुरभि स्तोत्रम् ।। ✓नमो देव्यै महादेव्यै सुरभ्यै च नमो नमः ।गवां बीज स्वरूपायै नमस्ते जगदम्बिके ॥ १॥नमो राधा प्रियायै च पद्मांशायै नमो नमः ।नमः कृष्ण प्रियायै च गवां मात्रे नमो नमः ॥ २॥कल्पवृक्ष स्वरूपायै सर्वेषा…
Sarva Dev Krit Lakshmi Stotra सर्वदेव कृत लक्ष्मी स्तोत्र [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 4:59
🌹सर्वदेव कृत लक्ष्मी स्तोत्र 🌹🌹क्षमस्व भगवत्यम्ब क्षमाशीले परात्परे।शुद्धसत्त्वस्वरूपे च कोपादिपरिवर्जिते ॥१॥🌹उपमे सर्वसाध्वीनां देवीनां देवपूजिते।त्वया विना जगत्सर्वं मृततुल्यं च निष्फलम् ॥ २॥🌹सर्वसम्पत्स्वरूपा त्वं सर्…
Hema Malini Stotram हेमा मालिनी स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 7:22
।। हेमामालिनी स्तोत्रम् ।।ध्यानं-हेमवर्णां चतुर्बाहुं रत्नसिंहासनस्थिताम्।पद्महस्ता वराभीति करां दन्तोल्लासितविग्रहम्।।कौस्तुभाभरणोपेतां कीर्तिमालाविभूषिताम्।त्रैलोक्यजननीं वन्दे हेममालिन्यरूपिणीम्।।स्तोत्रं-हेमवर्णे हेम…
Navgrah Stuti नवग्रह स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 2:39
Navgrah Stuti नवग्रह स्तुति ॐ आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकरः ॥आयुरारोग्यं मे देहि कुरू शांतिं शुभप्रदाम् ॥रोहिणीश सुधामूर्ते सुधारूप सुधाशन ॥ सोम सौम्यो भवास्माकं सर्वारिष्टं निवारय ॥ कुज कुप्रभवोऽपि त्वं मंगलः परिग…
Asit Kritam Shiva Stotram असित कृतं शिव स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:39
Asit Kritam Shiva Stotram असित कृतं शिव स्तोत्रम्जगद्गुरो नम्स्तुभ्यं शिवाय शिवदाय च ।योगीन्द्राणां च योगीन्द्र गुरूणां गुरवे नमः ॥१॥ मृत्योर्मृत्युस्वरूपेण मृत्युसंसारखण्डन ।मृत्योरीश मृत्युबीज मृत्युञ्जय नमोऽस्तु ते ॥२…
Sri Durga Panjar Stotram श्री दुर्गा पञ्जर स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 3:46
• श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रम् •विनियोगः-ॐ अस्य श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रस्य सूर्य ऋषिः, त्रिष्टुप्छन्दः,छाया देवता, श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्र पाठे विनियोगः ।* ध्यानम् ॐ हेम प्रख्यामिन्दु खण्डात्तमौलिं शङ्खाभीष्टा भीति हस्तां त…
Durga Stuti दुर्गा स्तुति [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 10:50
Tantroktam Devi Suktam तंत्रोक्तम् देवी सूक्तम् ★ नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः । नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्मरताम् ।। 1 ।। रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः | ज्योसनायै चेंदु रुपिन्यै सुखा…
Dash Mahavidya Stotram दश महाविद्या स्तोत्रम् [not-audio_url] [/not-audio_url]

Duration: 5:48
Dash Mahavidya Stotra दश महाविद्या स्तोत्र 🍁दुर्ल्लभं मारिणींमार्ग दुर्ल्लभं तारिणींपदम्।मन्त्रार्थ मंत्रचैतन्यं दुर्ल्लभं शवसाधनम्।।श्मशानसाधनं योनिसाधनं ब्रह्मसाधनम्।क्रियासाधनमं भक्तिसाधनं मुक्तिसाधनम्।।तव प्रसादाद्दे…